मेरे मेहबूब ने शिरकत दी है यहाँ
चाँद का गुरुर जो टूटा तो कोई गम नहीं
बड़ी शिद्दत से राह ताके बैठे थे हम
यूहीं ये आखें थी नम नहीं

ये शहर वीराना सा था
अपना कोई कहे हमको ऐसा फ़साना ना था
हवाओं में वो मस्ती ना थी
परिंदो का वो गुनगुनाना ना था
दिल हमारा इस कदर दीवाना ना था
किसी पर जान देदेें ऐसा कोई बहाना ना था

हाल-ऐ-दिल अब क्या बताएं तुम्हे हुज़ूर
आज खुदा ने खुद ज़मीन पर बरकत दी है यहाँ
मेरे मेहबूब ने शिरकत दी है यहाँ


Overcoming Defeat

Life is full of ups and downs,
every fall offers a lot to learn.

Learn from your fall,
it will help you to stand tall.

Do not compare your life with others,
it will make you sadder.

Difficult time makes you stronger,
to face the next level quicker.

Conscious breathing will keep your poise,
when you are in the middle of the noise.

Go out into the nature for a walk,
which is needed for our biological clock.

Exercise increases blood circulation,
a must for internalization.


Time is ticking!

It is March, I agree,
remaining months are like a huge sea.

We have our own wish list,
so do not resist.

Pick as many as you like,
make sure to put a golden strike.

Beginning will be difficult and awkward,
later you will be honored.

Why not give it a shot?
after all life is short

Human life is limited,
live it unlimited.


नाज़ है खुदपे

लोग यूहीं मुकद्दर को दिलो में पनाह देते हैं
मैंने प्यादों को शतरंज में जीतते देखा है
शहंशाओं को तक़दीर को कोसते देखा है
खुद की हिम्मत पर प्यादों को गुरुर करते देखा है

मुक्कमल जहान मिले उनको भी जो बैठे हैं खुदा की रेहमत के लिए
सिकंदरों को कई दफा मैंने खुद की एहमियत को आईने में निहारते देखा है


Why are you in a hurry?

May be doing chores took time earlier,
Now technology is making it quicker.

Calling the near and dear ones was tricky,
Now VOIP made everything easy.

It took time to wash and dry clothes,
Now selecting the options does it all.

We cooked food and shared with near ones,
Now it is selecting the menus online.

Now everything happens so quick,
Which indeed misleads!

We are accustomed to quick outcome for everything,
Which is very banal and lack fashion in our being.

Things take time to manifest and develop,
Go out and invest, don’t stay within an envelope.


तू और तेरा हुनर

दिया है हुनर तुझे उस खुदा ने

इस तरह उसे तू ज़ाया न कर

काबिलियत है तुझमे तूफानों को मोड़ देने की

इस तरह इतना तू घबराया न कर

कतल कर दीया तेरे जस्बे का इस ज़माने ने

तूने फिर भी बिता दिया इतना समय उनको मनाने में

आखिर कब तक जियेगा तू उनकी ज़िन्दगी

आज भी तेरे चाहने वाले नाज़ करते हैं तुझपे

इस तरह उनकी आस ज़ाया न कर

इस तरह इतना तू घबराया न कर



Momma and Papa were searching hay,
to build a comfy nest for my stay.

They worked all day,
just for my comfortable stay.

Momma and Papa took turns,
to keep me warm.

I was developing inside a shell,

my nest was on a tree, above the well.

One day there was cracking sound,
and for the very first time, I looked around.

I was curious and scared,
within me, I was a little unprepared.

How could I fly high and not fall,
these questions were overall.

It took time for my wings to grow strong,
and then I flew long.


The Distant ‘U’

You aren’t very near to us,
in case you were, a nightmare for us 🙁

You give us light to see,
for all of us around the sea.

You are vital for greenery,
which is indeed a beautiful scenery.

Though you are many light years away,
we need your light every day.

Directly looking at you is difficult,
rising and setting is a real cult.

You are very much integral for our survival,
hoping to have a longer viable.

Curious to know more about you,
hope you allow us to be near you.



एक ही जिस्म में सौ इंसान समाये हैं
एकमत नहीं हैं, सब के सब अपनी ही धुन पे सवार हैं
एक ख़ौफ़ज़दा है
तो एक इन्किलाबी है
एक आशिक़ है
तो एक फरेबी है
एक ख्वाहिशमंद तो एक कामचोर है
एक दुरुस्त है तो एक कमज़ोर है
एक वर्त्तमान में मशगूल है तो एक अतीत में अटका है
एक खुदा को मानता नहीं और एक अन्धविश्वास की सूली पे लटका है
एक दीवाना है तो एक बस फ़साना है
एक घर पे है तो एक बेठिकाना है
एक चुप होता नहीं और एक खामोश है
एक गुनहगार है तो एक निर्दोष है
एक रूह है तो एक सिर्फ जिस्म है
एक अनोखा है तो एक हज़ार किस्म है
एक बचकाना है तो एक कामिल है
एक जुदा है दुनिया से तो एक महफ़िलो में शामिल है
एक खुद की कीमत से नावाकिफ है तो एक गुरूर में चूर रहता है
एक ने दुनिया की बुनियादी हकीकतो से समझौता कर लिया तो एक अभी भी इस से दूर रहता है
एक सच्चा है तो एक झूठा है
एक मुकम्मल है तो एक सौ बार टूटा है
एक सुकून है तो एक शोर है
एक कुछ और तो एक कुछ और है
किस को कब छुपाना है, किस को दुनिया के रूबरू कराना है
इस मुसलसल नाकामयाब कोशिश का नाम हमने ज़िन्दगी रख दिया है

Source- https://www.facebook.com/satyavrit