कैसी ये खुशनसीबी

खुशनसीब हो तुम जो तुमको मिला ये दिन है जीने को
कब तक सोते रहोगे यू, तुमको ये हुआ क्या है?
पड़े रहते हैं बिस्तर में जो, थके हुए हैं ये कहके
गौर से झाको उनकी ज़िन्दगी में, उनको कभी कुछ मिला क्या है

थमा के टीवी और फेसबुक तुम्हारे हाथो में
निकल चुके है आगे इस खेल के खिलाडी
तुम रोते रहो ये सोच के की
तुम्हारी ज़िन्दगी में अनहोनियों का ये सिलसिला क्या है

हिम्मत और मेहनत से मुट्ठी में कर लो जो चाह रखते हो तुम
नहीं तो बैठे रहो जहाँ बैठे हो
जीतने वाले तो जीत ही रहे हैं
उन्हें कुछ गिला क्या है

अब खिलोने तो बहुत हैं खिलाड़ियों के पास तुम्हे बहलाने को
कुछ-कुछ तो एक से ज़्यादा खिलोनो की मांग रखते हैं
पकड़ा दो एक को टीवी तो एक को नेटफ्लिक्स
उसमे भी ना फसे तो GOT या इन सब का मिक्स
पॉलिटिक्स के खिलोने के दीवाने हैं यहाँ लोग
लगा दो लोगो को इन सब का भोग

लोगो को दिखाने के लिए सबके घर के बहार एक लाल गाडी खडी है
दौलत है की इतनी की सबकी नाक चढ़ी है
किस काम का ये दिखावा जब माँ दवाखाने के बिस्तर पर पड़ी है
जब तुम्हारे सपनो की जान औंधे मुँह पड़ी है
नोट कमाने के शौक से नज़र हटाओ ज़रा
पता चलेगा तब की ये दुनीया किस मुकाम पर खडी है

आँखें हटा के देखो इन गैरज़रूरत की चीज़ेो से
दीवाने दुनीया बदलने में मशगूल हैं
चाँद पर कदम अगर ना रख दे, बिना उसके उनके लिए जीना फ़िज़ूल हैं
नेटफ्लिक्स ने कोशिश तो पूरी की होगी उनके यहाँ पहोचने में
पर दुनीया में अभी काम बाकी बहुत है करने को
जो इतना समझ गया उसके लिए वक़्त कहाँ है इन सब चीज़ो में
हर एक मौका है पास उसके भुनाने को, हर एक जीत उसकी एक है किस्सा सुनाने को

खुशनसीब हो तुम जो तुमको मिला ये दिन है जीने को
कब तक सोते रहोगे यू, तुमको ये हुआ क्या है?

U-Can

2 thoughts on “कैसी ये खुशनसीबी

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.