कुछ अलग कर

चल हाथ पकड़ के वरना नीचे गिर जायेगा
तेरा दिल तुझे ये समझायेगा

तू अकेला यहाँ कितने दूर चल पायेगा
आज खड़ा है कल मुँह के बल गिरजाएगा

ये सोच के तू फिर डर जायेगा

जो है बहुत है उसी में खुश रहना सीख
ये भी नहीं रहा तो दुनिया से कैसे आँख मिलाएगा

न जाने दुनिआ में ऐसे ही लोग क्यों ज़्यादा पाये जाते हैं
सब कुछ है मुट्ठी में ये जानते हुए भी जाने क्यों घबराते हैं

खुद पर भरोसा रख. कुछ अलग कर.

ध्यान रख
तू वो है जो न पहले कभी था ना ही आगे कभी आएगा
पानी पर चलने की कुब्बत रखता है तू जो थोड़ी जान लगाएगा

खुद पर भरोसा रख. कुछ अलग कर.

किसके इंतज़ार में है तू, यहाँ तुझे कोई राह नहीं दिखायेगा
तू ही दीया है खुद का, तू ये कब समझ पायेगा

ये दुनिआ तुझे झुकायेगी, तेरी कमर तोड़ दी जाएगी
गिरके उठना है तुझे की नहीं ये तुझपे है
वरना जाने दे, कुछ अलग कर दिखाने का काम अब मुझपे है

खुद पर भरोसा रख. कुछ अलग कर.

U-Can

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